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  • राष्ट्रपति का विजयादशमी पर संदेश: विकसित भारत के लिए एक जुट हो देशवासी।

    राष्ट्रपति का विजयादशमी पर संदेश: विकसित भारत के लिए एक जुट हो देशवासी।

    राष्ट्रपति द्रुपदी मुर्मू ने विजय देशमी की पूर्व संध्या पर देशवासियो को बधाई दी है और श्री राम के आदेशों का पालन करते हुए एक स्वस्थ समाज का विकसित भारत के निर्माण के लिए एक जूट हो देशवासी, क्योंकि ये पर्व बुराई पर अच्छी जीत का है और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश मन जाता है.

    राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा है कि श्री राम को धर्म और नैतिक आदर्शों का प्रतीक के रूप में पूजा जाता है और विजय देशमी या दशहरा बुराई पर अचाई की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश है, ये त्यौहार हमें हाँ भी सिखाता है कि हमें रोज़ मर्रा के जीवन में कर्तव्य निष्ठ और नैतिक्ता से अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए।

    तैय्यारियों को देखते हुए हाँ अंदाज़ा है कि विजय देशमी के मौके पर नरेंद्र मोदी मंगलवार दिल्ली में आईपी एक्सटेंशन में शामिल हो सकते हैं।

  • प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष, सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    प्रदेशवासी विकसित भारत के निर्माण में दें अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को किया संबोधित

    भोपाल 07 अक्टूबर 2026/ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेवा-सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्रसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की राष्ट्र निर्माण के संकल्प की यह अविराम यात्रा 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई। प्रधानमंत्री श्री मोदी की जनसेवा की यात्रा आज 25 वर्षों के गौरवपूर्ण पड़ाव पर पहुंच रही है।

    यह यात्रा ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के संकल्प को साकार करने की निरंतर साधना रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने देश की प्रगति के लिए अपने जीवन का प्रत्येक क्षण राष्ट्र की सेवा में समर्पित करने का देशवासियों से आहवान किया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ईश्वर से प्रधानमंत्री श्री मोदी के सुदीर्घ, स्वस्थ एवं यशस्वी जीवन की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के शुभ अवसर पर देशभर के लाखों नागरिक सेवा संकल्प ज्योति यात्रा में सम्मिलित हो रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सेवा ज्योति कलश यात्रा को संबोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।

    मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर अग्रसर है

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यात्रा में सम्मिलित लोगों को 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देने का संकल्प दिलवाया।

    मध्यप्रदेश, प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में विकास और जनकल्याण के पथ पर निरंतर अग्रसर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर तैयार हो चुका है।

    मध्यप्रदेश सरकार ने भी एक देश, एक प्रधान, एक विधान के संकल्प को पूरा करते हुए विधानसभा के माध्यम से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू कराने का रास्ता साफ किया है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी की कर कमलों से उज्जैन में बाबा महाकाल के श्री महाकाल लोक का लोकार्पण हुआ, परिणामस्वरूप उज्जैन धार्मिक तीर्थाटन का प्रमुख केंद्र बन गया है।

    यहां वर्ष 2022 तक लगभग 60 से 70 लाख श्रद्धालु ही आते थे, लेकिन वर्ष 2025 में 7 करोड़ तीर्थ यात्री उज्जैन आए और प्रदेश में कुल पर्यटकों की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंच गई।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वामी विवेकानंद के विचार थे कि 21वीं शताब्दी भारत की होगी। आज भारत दुनिया का सबसे युवा देश है, प्रधानमंत्री श्री मोदी सतत् राष्ट्र सेवा करते हुए भारत को विकास एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहे हैं।

    उन्होंने कोरोना जैसे वैश्विक संकट से देश को बाहर निकालने के साथ अनुच्छेद 370 का ऐतिहासिक निर्णय, नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई से लेकर आयुष्मान भारत, उज्ज्वला गैस योजना एवं प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी अनेक योजनाओं का लाभ जन-जन तक पहुंचाकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने करोड़ों लोगों के जीवन को बदलने का कार्य -किया है।

    प्रधानमंत्री श्री मोदी की यह पूरी यात्रा विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।

    कार्यक्रम एवं सेवा ज्योति मशाल यात्रा में सांसद श्री अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सदस्य श्री उमेश नाथ जी महाराज, विधायक श्री अनिल जैन कालूहेड़ा, जितेंद्र पंडिया, सतीश मालवीय, डॉ. तेज बहादुर सिंह चौहान, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष श्री ओम जैन, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री रवि सोलंकी, सिंहस्थ प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री जगदीश अग्रवाल, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कमला कुंवर, उपाध्यक्ष श्रीमती शिवानी कुंवर, संगठन मंत्री श्री चंद्रशेखर, नगर अध्यक्ष श्री संजय अग्रवाल, ग्रामीण अध्यक्ष श्री राजेश धाकड़, श्री रूप पमनानी, श्री जगदीश पांचाल,श्री राकेश पंड्या, श्री विवेक गुप्ता, कमल बैरवा, श्री अनिल शिंदे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद थे।

  • संभागीय आयुक्त श्री खत्री बालिका छात्रावास में “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम में शामिल हुए

    संभागीय आयुक्त श्री खत्री बालिका छात्रावास में “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम में शामिल हुए

    सेवा-संकल्प अभियान के पहले दिन सांध्य बेला में संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री ने पुरानी झांसी रोड स्थित अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास की बालिकाओं के साथ “आशीर्वाद का दीया” कार्यक्रम में सहभागिता की। इस अवसर पर उन्होंने बालिकाओं के साथ दीये प्रज्ज्वलित किए।

    साथ ही बालिकाओं के साथ संवाद किया और सेवा-संकल्प अभियान के तहत आयोजित हुए चित्रकला और निबंध प्रतियोगिता के विजेता बच्चों को सम्मानित किया। संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री ने संवाद के दौरान बालिकाओं से जीवन के लक्ष्य के बारे में चर्चा की। साथ ही कहा कि आप सब आत्मविश्वास के साथ कड़ी मेहनत करेंगे तो निश्चित ही लक्ष्य हासिल होगा।

    उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम में मौजूद सहायक आयुक्त जनजाति कल्याण को उन्होंने निर्देश दिए कि छात्रावास में ऑनलाइन कोचिंग और विषय विशेषज्ञों से अतिरिक्त कक्षायें लेने की व्यवस्था कराएं। संभागीय आयुक्त ने छात्रावास में वॉशिंग मशीन की व्यवस्था करने के लिये भी कहा।

  • Princess Cruises के जहाज पर नॉरोवायरस प्रकोप, 100+ बीमार

    Princess Cruises के जहाज पर नॉरोवायरस प्रकोप, 100+ बीमार

    Princess Cruises

    Princess Cruises के Caribbean Princess जहाज पर नॉरोवायरस फैलने से 100 से अधिक यात्री बीमार पड़े, CDC ने जांच शुरू की.

    Princess Cruises का प्रसिद्ध क्रूज शिप Caribbean Princess सोमवार सुबह फ्लोरिडा के Port Canaveral पहुंचा, जहां यात्रा के दौरान फैले Norovirus outbreak ने 100 से अधिक यात्रियों और क्रू सदस्यों को प्रभावित किया।

    अमेरिकी Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, इस 11-दिवसीय यात्रा के दौरान कुल 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी से संक्रमित पाए गए।

    Princess Cruises का प्रसिद्ध क्रूज शिप Caribbean Princess यात्रा के दौरान कैसे फैला नॉरोवायरस?
    Caribbean Princess ने 28 अप्रैल को Port Everglades, Fort Lauderdale से अपनी यात्रा शुरू की थी। यात्रा के दौरान कई यात्रियों में दस्त (diarrhea) और उल्टी (vomiting) जैसे लक्षण दिखाई दिए, जो नॉरोवायरस संक्रमण के प्रमुख संकेत हैं।

    CDC की रिपोर्ट के अनुसार:
    – कुल 3,116 यात्रियों में से 102 प्रभावित
    – 1,131 क्रू सदस्यों में से 13 संक्रमित
    – पहली बार प्रकोप की सूचना 7 मई को दी गई

    नोरोवायरस क्‍या है (What is Norovirus) ?

    नोरोवायरस एक आम और बेहद संक्रामक वायरस है। इसे पेट का फ्लू भी माना जा सकता है, इससे मितली, उलटी और दस्‍त आदि लक्षण, नोरोवायरस का फैलाव करीबी संपर्क, दुषित भोजन या पानी के संपर्क में आने से होता है इसे आमतौर पर गैस्ट्रोएंटेराइटिस कहते है।

    Caribbean Princess norovirus outbreak

    Princess Cruises और CDC ने क्या कदम उठाए?

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Princess Cruises ने तुरंत कई सुरक्षा उपाय लागू किए:
    – बीमार यात्रियों और क्रू को अलग किया गया
    – जहाज पर सफाई और डिसइन्फेक्शन बढ़ाया गया
    – परीक्षण के लिए स्टूल सैंपल एकत्र किए गए
    – CDC के साथ मिलकर संक्रमण नियंत्रण प्रक्रिया अपनाई गई
    Port Canaveral पहुंचने के बाद CDC की टीम ने जहाज पर पर्यावरणीय जांच और अतिरिक्त स्वास्थ्य निरीक्षण भी किया।

    Nassau पोर्ट पर रोक

    स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहामास के अधिकारियों ने जहाज को Nassau में रुकने की अनुमति नहीं दी। स्थानीय चुनावों और सामुदायिक सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
    Princess Cruises ने प्रभावित यात्रियों को:
    – ऑनबोर्ड क्रेडिट और Nassau shore excursions का पूर्ण रिफंड प्रदान करने की घोषणा की।

    Princess Cruises ने पुष्टि की कि अगली यात्रा से पहले जहाज की व्यापक सफाई और सैनिटाइजेशन किया जाएगा। Caribbean Princess फिलहाल अक्टूबर तक कैरेबियन और बहामास यात्राओं के लिए Port Canaveral से संचालन करेगा।

    Cruise Industry में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियां
    CDC के अनुसार, 2026 में यह चौथा प्रमुख क्रूज आउटब्रेक है। इससे पहले: दो E. coli outbreaks, एक अन्य Princess Cruises norovirus मामला भी सामने आ चुके हैं।

    निष्कर्ष

    Caribbean Princess पर हुआ यह नॉरोवायरस प्रकोप क्रूज उद्योग में स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर करता है। हालांकि Princess Cruises और CDC ने स्थिति को नियंत्रित करने में तेजी दिखाई, लेकिन यह घटना यात्रियों के लिए सतर्कता और स्वच्छता की आवश्यकता को दर्शाती है।

  • Thalapathy Vijay AS CM: तमिलनाडू में टीवीके पार्टी ने बना ली सरकार

    Thalapathy Vijay AS CM: तमिलनाडू में टीवीके पार्टी ने बना ली सरकार

    तमिलनाडू से खबर आ रही है कि मशहूर ऐक्‍टर थालापाति विजय मुख्‍यमंत्री पद की आज सुबह 10 बजे शपथ ले चुके है , ऐक्‍टर से नेता और अब तमिलनाडू के मुख्‍यमंत्री, राज्‍य के गवर्नर ने चेन्‍नई के नेहरू स्‍टेडियम मे दिलाई शपथ

    तमिलनाडू से खबर आ रही है कि मशहूर ऐक्‍टर थालापाति विजय मुख्‍यमंत्री पद की आज सुबह 10 बजे शपथ ले चुके है और उनके साथ टीवीके के नौ विधायकों ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है शपथ समाहरोह में तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन को भी समारोह के लिए अमंत्रित किया गया था।

    विजय के शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे चेन्‍नई के नेहरू स्‍टेडियम मे अयोजित किया गया, VCK और IUML के समर्थन के बाद टीवीके ने सरकार का गठन किया, विजय को गवर्नर ने शपथ के बाद दी बधाई, विजय के मुख्‍यमंत्री बनने पर उनके पिता और डायरेक्‍टर एसए चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं खुश हूं. मैं बहुत खुश हूं. मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, सिर्फ अपने बेटे के लिए कर रहा हॅू।

    विजय ने 9 मई को लोकभवन में तमिलनाडु के गवर्नर से मुलाकात की और उन्हें टीवीके के लीडर के तौर पर अपने चुनाव की जानकारी देते हुए एक लेटर दिया था. जिसके बाद तमिलनाडु के गवर्नर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया और उन्हें सरकार बनाने के लिए इनवाइट किया था. राज्यपाल ने विजय को 13 मई 2026 को या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा है।

  • 60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग सही या गलत?

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग सही या गलत?

    परिचय:-

    आजकल 60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग (Intermittent Fasting) को हेल्दी एजिंग और वज़न प्रबंधन के लिए एक प्रभावी तरीका माना जा रहा है। खासकर 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में यह पद्धति तेजी से लोकप्रिय हो रही है क्योंकि इससे शरीर को लगातार भोजन पचाने की प्रक्रिया से आराम मिलता है और प्राकृतिक रिपेयर सिस्टम सक्रिय हो सकते हैं।

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग

    विशेषज्ञों के अनुसार, सही मार्गदर्शन में किया गया इंटरमिटेंट फास्टिंग बुज़ुर्गों में ऊर्जा बढ़ाने, मेटाबॉलिज्म सुधारने और कई उम्र-संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसे अपनाने से पहले इसके फायदे और जोखिम दोनों को समझना बेहद आवश्यक है।  

    बुज़ुर्गों के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग के संभावित फायदे

    1. वज़न नियंत्रण और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग बुज़ुर्गों में जोड़ों और कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर तनाव कम करके वज़न घटाने में मदद कर सकता है। बेहतर इंसुलिन सेंसिटिविटी ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने और टाइप 2 डायबिटीज़ होने के खतरे को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, इस प्रैक्टिस से अक्सर ऑटोफ़ैगी बढ़ती है, जो डैमेज सेल्स को साफ़ करने में मदद करती है।

    कई स्टडीज़ से पता चलता है कि कॉग्निटिव फ़ंक्शन पर इसका पॉज़िटिव असर पड़ता है और दिमाग में उम्र से जुड़े बदलाव धीमे हो जाते हैं। अच्छी नींद और सूजन कम होना भी इसके बड़े फ़ायदे हैं। इस तरीके का सही इस्तेमाल करने से बाद की ज़िंदगी में पूरी एनर्जी बढ़ती है और ज़िंदगी की क्वालिटी बेहतर होती है।

    इस तरीके को सही तरीके से करने पर, एनर्जी बढ़ती है और रोज़ाना की सेहत में अच्छा सुधार देखा जाता है।

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग संभावित जोखिम और सावधानियां

    हालांकि इसके कई फायदे हैं, लेकिन बुज़ुर्गों के लिए कुछ जोखिम भी हो सकते हैं:

    1. हाइपोग्लाइसीमिया (Low Blood Sugar)

    हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) का मतलब है ब्लड शुगर (रक्त में ग्लूकोज) का सामान्य स्तर से बहुत नीचे चले जाना। आमतौर पर जब ब्लड शुगर 70 mg/dL से कम हो जाता है, तो इसे हाइपोग्लाइसीमिया माना जाता है।

    ग्लूकोज शरीर और खासकर दिमाग के लिए मुख्य ऊर्जा स्रोत है, इसलिए इसका बहुत कम होना शरीर के लिए खतरनाक हो सकता है।

    2. मसल्स लॉस (मांसपेशियों की कमी)

    पोषक तत्‍वों की कमी के कारण मांसपेशियों के आकार और घनत्‍व में कमी आती है जिससे मांसपेशियां  कमजोर और छोटी हो जाती है।

    3. न्यूट्रिएंट्स की कमी

    न्‍यूट्रिएंट्स अर्थात पोषक तत्‍वों की कमी से थकान, सिरदर्द, ब्लड प्रेशर में अस्थिरता हो सकती है।

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग से किन लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए?

    संभावित फ़ायदों के बावजूद, इंटरमिटेंट फास्टिंग से बुज़ुर्गों, खासकर पुरानी बीमारियों वाले लोगों के लिए रिस्क होता है। लंबे समय तक फास्टिंग करने से हाइपोग्लाइसीमिया, मसल्स लॉस और न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है। कुछ मरीज़ों को शुरू में ज़्यादा थकान, सिरदर्द या नींद में दिक्कत महसूस होती है।

    यह तरीका उन लोगों के लिए बिल्कुल भी रिकमेंड नहीं किया जाता है जिन्हें दिल, किडनी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल या कैंसर की गंभीर समस्याएँ हैं। 75 साल से ज़्यादा उम्र के बुज़ुर्गों और जिनका ब्लड प्रेशर अस्थिर है, उन्हें खास सावधानी बरतनी चाहिए। बुरे नतीजों को कम करने के लिए हमेशा मेडिकल सुपरविज़न की ज़रूरत होती है।

    लंबे समय तक फास्टिंग करने से कभी-कभी हाइपोग्लाइसीमिया, मसल्स एट्रोफी और न्यूट्रिएंट्स की कमी हो सकती है।

    नोट:- किसी भी फास्टिंग रूटीन को शुरू करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशन विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग को सुरक्षित रूप से करने के लिए सुझाव

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग को हल्के पैटर्न से शुरू करना सबसे अच्छा है, जैसे कि 12/12 या 14/10, और धीरे-धीरे किसी स्पेशलिस्ट की देखरेख में इंटरवल बढ़ाते जाएं। हाइड्रेटेड रहना और यह पक्का करना ज़रूरी है कि खाने के दौरान आपको सभी ज़रूरी मैक्रो- और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिल रहे हैं। डाइट में प्रोटीन, हेल्दी फैट, कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर होना चाहिए ताकि मसल्स मास बना रहे।

    60 के बाद इंटरमिटेंट फास्टिंग

    रेगुलर मेडिकल चेकअप और हेल्थ मॉनिटरिंग से आपको किसी भी तरह की गड़बड़ी को जल्दी पहचानने में मदद मिलेगी। इसे हल्की-फुल्की फिजिकल एक्टिविटी और पूरी नींद के साथ मिलाने से इसके अच्छे असर बढ़ते हैं। अगर ध्यान से और ज़िम्मेदारी से किया जाए तो इंटरमिटेंट फास्टिंग एक हेल्दी आदत बन सकती है।

    मेन्यू में प्रोटीन, हेल्दी लिपिड, धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट और फाइबर भरपूर होना चाहिए ताकि मसल्स का नुकसान न हो।

  • श्रीराम का रौद्र रूप: क्‍या हमेशा नम्रता ही सही है?

    श्रीराम का रौद्र रूप: क्‍या हमेशा नम्रता ही सही है?

    रामचरितमानस में प्रभू श्रीराम जी का रौद्र रूप

    हम महानता का अर्थ सीधा साधा, दयालुता, विनम्रता, सौम्यता होना आदि समझते हैं। यह हमारी व्यितगत सोच हो सकती है, यह सोच आंशिक रूप से सही है, लेकिन पूूूरी नही है

    किन्तु साहस, दृढ़ता शौर्य आदि भी उतने ही महत्‍वपूर्ण गुण हैं. नम्रता और मृदुलता सभी जगह उपयोगी नहीं होती।

    जब कोई व्‍यक्ति अहंकार या भ्रांतिवश विनम्रता को हीनता समझने लगे, उसका अनैतिक लाभ उठाने का प्रयास करे तो मनुष्य को थोड़ा उग्र रूप धारण करना पड़ता है। व्यवहार में कड़ाई, दृढ़ता भी लानी पड़ती है।

    महानता का सही अर्थ

    धनुष यज्ञ प्रकरण में जब श्री परशुराम जी अचानक उत्‍तेजित होकर आते हैं, लक्ष्मण जी को यह उत्‍तेजना अनुचित लगती है।

    लक्ष्मण जी उन्हें रोकना चाहते हैं, वे डरा धमका कर लक्ष्मण जी को चुप कराना चाहते है, विवाद बढ़ने पर प्रभु श्री राम जी, नम्रता पूर्वक समझाने का प्रयास करते हैं, तो श्री परशुराम जी अपना रोष श्री राम जी पर उतारने लगते हैं।

    Ram lakshman aur Parshuram

    गुनहु लखन कर हम पर रोसू।
    कतहु सुधाईहु ते बड़ दोसू ।।

    श्री राम जी कहते है कि, दोष लक्ष्मण का है आप मुझे मेरी सहजता, सरलता पर क्रोध कर रहे हैं।

    शौर्य से भ्रम का निवारण

    श्री राम जी को शालीनतापूर्वक तेजस्वी ढंग से प्रतिवाद करना पड़ा। अपने शौर्य, साहस, दृढ़ता का परिचय देकर श्री परशुराम जी का भ्रम दूर किया। समाज में कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो सौम्यता एवं सज्जनता की भाषा समझते ही नहीं हैं, ऐसे दुष्ट तत्वों को दण्ड देना हर समाज निष्ठ का कर्तव्य हो जाता है।

    समुद्र प्रसंग और श्री राम का रौद्र रूप

    उन्हें भाग्य भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। लंका विजय हेतु सेतु बंध से पूर्व उपाय खोजा गया, कि देव की इच्छा होगी तो समुद्र मार्ग अवश्य दे देगा, यह लक्ष्मण के अच्छा नहीं लगा, वह उत्तेजित होने लगे, उन्होंने उत्तेजित होकर कहा:

    कायर मन को एक अधारा ।
    देव देव आलसी पुकारा।।

    Shri Ram ji aur Samudra dev

    इस भाव से श्री राम जी असहमत थे, उन्होंने चाहा कि श्रेष्ठ कार्य के लिए समुद्र अवश्य सहायता करेगा, लेकिन यह हुआ. विनय ना मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीत।

    बोले राम सकोप तब, भय बिन होय ना प्रीत।।

    अब श्री राम जी उत्तेजित होकर बोले,

    लक्ष्मण बाम सरासर आनु।
    सोको बारिध विसिख समानू।।

    यहाँ पर जब विनय से कार्य सफल नहीं हुआ, तब प्रभु श्रीराम का अपना रौद्र रूप समुद्र को दिखाना पड़ा। श्री राम जी ने अनीति एवं अत्याचार को कभी सहन नहीं किया, पीड़ितों के प्रति उनकी करुणा उभरती है, तथा दुष्टों के प्रति रोष में बदल जाती है।

    निसिचर हीन करहुं महि, भुज उठाय प्रण कीन।
    सकल मुनिन के आश्रममन्हि, जाइ जाइ सुख दीन।।

    शिक्ति की पूजा आदि काल से होकर, वर्तमान में भी होती है एवं भविष्य में होगी, बलहीनों को कोई नहीं पूछता, बलवानों को ही विश्व पूजता है, यह कहावत चरितार्थ है, इसीलिए शिक्ति संचयन में मनुष्य की भूमिका अति महत्वपूर्ण है।

    सत्य, मानवता एवं त्याग के प्रति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी को कोटि कोटि प्रणाम।

  • मेरी जयपुर शहर की यात्रा (लघु कथा)

    मेरी जयपुर शहर की यात्रा (लघु कथा)

    आप अगर जयपुर जाना चाहते है तो बहुत ही अच्‍छी बात है लेकिन आप अकेले और फैमली के साथ जाना चाहते है तो ये और भी अच्‍छी बात है, मेरा सफर तो बहुत रोमांचित करने वाला रहा मै वहां भी गया जहां मुझे लग भी नही रहा था कि मै जयपुर में हॅू मै आपको बताता हॅू कि‍ मै कैसे गया था मै रात में 10:30 बजे बस से बस में सभी यात्रियों को सूचना दी गई थी की बस सुबह 6:30 बजे तक सिंधी कैम्‍प पहुच जाएगी।

    रात मे बस दो जगह स्‍टॉप लिया था पहला था होटल करन ढाबा ग्‍वालियर से मात्र 17 कि.मी. दूर वहां हमारे बस के कुछ सवारियों, चालक और कंडक्‍टर ने खाना खाया, रात का सफर था इसलिये मै तो घर से खाकर निकला था बाथरूम की व्‍यवस्‍था ठीक ठाक थी। उसके बाद सुबह 5:30 बजे कंडक्‍टर ने जोर की आवाज लगाई मै जाग गया और जल्‍दी से बस से उतरकर बाथरूम की ओर जाकर लाईन में खड़ा हो गया सभी निंद में थे कुछ चाय खरीदकर सुबह की चाय का अनन्‍द ले रहे और होटल था ‘होटल कल्‍पना’  मात्र 1 घंटे का समय और बच रह गया था पहॅुचने में।

    hawa
    Hawa Mahal

    जयपुर जिसे भारत का गुलाबी शहर भी कहते है जिसके पूर्व और पश्चिम में अरवली के पहाड़ थे ये शहर पहुचने से पहले हमारी बस एक सुरंग से गुजती है और नजारें क्‍या कहने तस्‍वीरें तो बस से अच्‍छी आ रहीं थी समने पर्वत पर चौलागिरी जैन मंदिर स्थित है यह एक दिगांबर जैन मंदिर है यह झालाना लेपर्ड सफारी रिजर्व के एक कोने पर बना हुआ झालाना अभ्‍यारण्‍य पहला तेंदुआ अभ्‍यारण्‍य है जो 20 से 23 वर्ग कि.मी. में फैला एक पथ्‍तरीला क्षेत्र है बस रूकने से पहले बस अल्बर्ट हॉल संग्रहालय जो यहां की कई इतिहास को अपने अंदर समेटे हुए है बस सिंधी कम्‍प पहॅुची और सभी सवारियों सहित मै भी बस से डीबोर्ड कर लिया फिर मैने रूकने का एक स्‍थान ढुंढा जहां थोड़ी देर आराम किया और तैयार होकर सुबह 7:30 बजे तक नाहरगढ़ सिंह का किला जो कि बस स्‍टांड से सिर्फ वॉक इन डिस्‍टेंस पर था किले पर चड़ते ही एक अलग सा सूकून मिला जैसे सब कुछ अच्‍छा लगने लगा न कुछ खोने का पच्‍छतावा और न कुछ मिलने की खुशी मै रास्‍ते में सन राईज वियू पर बैठ गया पुरे शहर से मंदिरो की घंटियों की आवाज, चिडि़यों की आवाज, शहर का शोर भी मधुर ध्‍वनि सा प्रतीत होता है ऊपर पहॅुच कर किला तो नहीं खुला था पर जो शहर का वियू था बहुत ही बडिया था।

    नाहरगढ़ का किला

    यह किला कभी शहर का रक्षा घेरा का  हिस्‍सा था यह किला राजा महाराज सवाई जय सिंह मुख्‍य रूप से 1734 ई में बनाया गया था बनाने का उद्देश्‍य पहाड़ी पर विश्राम स्‍थल के रूप में किया जाता था हांलकि किले के अन्‍दर मौजूद स्‍मारक अधुनिक काल के ही प्रतित होते है लेकिन कुछ बहुत ही जीण स्थिति में है

    किले पर मै एक घंटा ही बैठा और नीचे की ओर चल दिया वहां से सबसे पास प्रसिद्ध मंदिर गूगल पर ढूंढ ही रहा था कि औटो वाले भाईया आवाज दे रहे थे कि गणेश मंदिर मैने पुछा कितना लोगे, वे बोले 20 रू मै तैयार हो गया वहां पहॅूचा तो पता चला कि फिर से एक और पहाड़ चढ़ना पडे़गा चड़ने से पहले ही मैने फूल और प्रसाद नीचे की दुकानो से ले लिया रास्‍ता खंडो से बना हुआ था उसके आसपास सिर्फ पक्षियों की आवाजें यह सब निहारते और कैमरे में कैद करते हुए मै मंदिर तक पहॅुचा।

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    Arravli Hills in Morning Shine
    किले सेदिखता मनोरम द्श्‍य

    यह मंदिर यहॉ के लोकप्रिय मंदिरों मे से एक है इसका पूरा नाम ग्रह गणेश मंदिर है यहां के लोगों का मनना है यहां भगवान गणेश जी बाल पुरूषाकृति के रूप में विराजमान है इस मंदिर का निर्माण जयपुर की स्‍थापना से पहले महाराजा सवाई जय सिंह द्वितीय ने अश्वमेघ यज्ञ के दौरान कराया गया था कहा यह भी जाता है कि इस मंदिर की मूर्ती को शहर के चंद्र महल से देखा जा सकता है
    गणेश जी से हाथ जोड़े और आशा की जयपुर मै अच्‍छे से भ्रमाण कर लू और इस शहर को अच्‍छे से जाते जाते कुछ सीख लॅू।

    फिर मै वहां से गया जयपुर का लोकप्रिय स्‍थान जो है हवामहल देखने लिए निकला और इस बार मैने रेपिडों बाईक ली और शहर को नजदीक से देखा दोपहर मे शहर का ट्रैफिक मध्‍यम था शहर मे आवाजाही के लिए बस और मीनी बसों की अच्‍छी व्‍यवस्‍था थी साथ ही एक छोटी मेट्रों लाइन भी है जो शहर के बीच मे स्थित है और शहर के मुख्‍य हिस्‍सों को जोड़ती है।

    श्री ग्रह गणेश मंदिर

    हवामहल

    जब मैं हवा महल के सामने खड़ा था, तो ऐसा लगा मानो इतिहास मेरे सामने जीवंत हो गया हो। जयपुर की गुलाबी रंगत में सजा यह अद्भुत महल दूर से ही अपनी अनोखी बनावट से आकर्षित करता है। मधुमक्खी के छत्ते जैसा इसका ढांचा और सैकड़ों छोटे-छोटे झरोखे इसे बाकी इमारतों से बिल्कुल अलग पहचान देते हैं। जैसे ही मैं इसके करीब पहुंचा, हल्की हवा का झोंका चेहरे को छूकर गया—तभी समझ आया कि इसे “हवा महल” क्यों कहा जाता है। अंदर जाते ही एक अजीब-सी शांति और ठंडक महसूस हुई, जबकि बाहर शहर की चहल-पहल जारी थी। इन झरोखों से बाहर झांकते हुए ऐसा लगा जैसे मैं किसी पुराने समय का हिस्सा बन गया हूं, जहां से राजघराने की महिलाएं बिना दिखे शहर की रौनक देखा करती होंगी।

    महल की पांच मंजिलों पर चढ़ते हुए हर स्तर पर नजारा बदलता गया। ऊपर से जौहरी बाजार का दृश्य बेहद जीवंत दिखता है—रंग-बिरंगी दुकानों, भीड़ और हलचल से भरा हुआ। वहीं दूसरी ओर, महल की बारीक नक्काशी और स्थापत्य कला ने मुझे बार-बार रुककर उसे निहारने पर मजबूर कर दिया, सबसे दिलचस्प बात यह लगी कि इतनी ऊंची इमारत बिना पारंपरिक नींव के बनी हुई है, फिर भी सदियों से मजबूती से खड़ी है। इसका पिरामिडनुमा आकार और हल्का झुकाव इसे स्थिर बनाए रखते हैं—यह वास्तुकला का सचमुच एक चमत्कार है।

    मेरे लिए यह सिर्फ एक ऐतिहासिक स्थल नहीं था, बल्कि एक अनुभव था—जहां राजपूत और मुगल वास्तुकला का संगम, संस्कृति की गहराई, और समय की कहानी एक साथ महसूस होती है। जयपुर की यात्रा हवा महल देखे बिना अधूरी ही रहती, और अब मैं समझ सकता हूं कि क्यों। अगर आप इतिहास, वास्तुकला या सिर्फ खूबसूरत जगहों को महसूस करना पसंद करते हैं, तो हवा महल आपको निराश नहीं करेगा—यह जगह आपको अतीत से जोड़ देती है, बिना किसी शब्द के।

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    जयपुर की नाइट लाइफ़

    शाम ढलते ही जयपुर का रंग बिल्कुल बदल गया। दिन की ऐतिहासिक शांति की जगह अब रोशनी, रौनक और हलचल ने ले ली थी। गुलाबी शहर की सड़कों पर टहलते हुए ऐसा लग रहा था जैसे हर कोना किसी उत्सव में डूबा हुआ हो। हवा में हल्की ठंडक थी और बाजारों की चमक आंखों को आकर्षित कर रही थी।

    मैं जौहरी बाजार और बापू बाजार की गलियों में घूमता रहा। रंग-बिरंगी दुकानों, पारंपरिक कपड़ों और हस्तशिल्प की खुशबू के बीच चलते हुए एक अलग ही ऊर्जा महसूस हो रही थी। हर तरफ लोगों की हंसी, दुकानदारों की आवाजें और सड़क किनारे खाने-पीने की खुशबू—सब मिलकर जयपुर की नाइट लाइफ को खास बना रहे थे, घूमते-घूमते मैंने सोचा कि यहां की कोई मशहूर मिठाई जरूर ट्राई करनी चाहिए। तब मैंने गरमा-गरम घेवर और साथ में मलाईदार रबड़ी का स्वाद लिया। जैसे ही पहला निवाला मुंह में गया, मिठास और खुशबू ने दिल जीत लिया। ऐसा लगा जैसे इस शहर का असली स्वाद अब जाकर महसूस हुआ हो।

    रात गहराने लगी थी, लेकिन शहर की रौनक अभी भी कम नहीं हुई थी। हालांकि, मेरी यात्रा अब खत्म होने वाली थी। मैं सिंधी कैंप बस स्टैंड की ओर बढ़ा। रास्ते में दिनभर की यादें दिमाग में घूम रही थीं—हवा महल की खूबसूरती, बाजारों की चहल-पहल और मिठाइयों का स्वाद, बस में बैठते ही एक सुकून-सा महसूस हुआ। खिड़की से बाहर देखते हुए जयपुर की जगमगाती रोशनी धीरे-धीरे दूर होती जा रही थी। मन में एक ही ख्याल था—यह सफर छोटा जरूर था, लेकिन यादगार बन गया। जयपुर ने अपने रंग, स्वाद और एहसास से दिल में एक खास जगह बना ली थी।

  • LPG महंगा हुआ तो ये करें: 5 किलो सिलेंडर बना सबसे बड़ा रास्‍ता समाधान, 5 किलो सिलेंडर बना सस्‍ता विकल्‍प, मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत।

    LPG महंगा हुआ तो ये करें: 5 किलो सिलेंडर बना सबसे बड़ा रास्‍ता समाधान, 5 किलो सिलेंडर बना सस्‍ता विकल्‍प, मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत।

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    LPG नियमों में परिवर्तन के कारण :-

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण LPG की होती किल्‍लतों देखते हुए सरकार ने सिलेंडर की रिफिलिंग और बुकिंग के नियम बदले गए और रसोई गैस, कमर्शियल सिलेंडर के दामो की वृद्धि की गई. LPG किल्लत के बीच दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है. सरकार का कहना था कि कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी तभी मिलेगी, जब पाइप्‍ड नैचुरल गैस (PNG) के लिए अप्लाई कर लेगें।

    इसी बीच सरकार ने बीते शनिवार को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर को लेकर नई नीति की है। सरकार ने कहा है कि 5 किलो LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटरों के पास पहले से उपलब्ध हैं और इन्हें पते के सबूत की जरूरत के बिना, बस एक वैध ID दिखाकर खरीदा जा सकता है,

    जिसके बाद अब सरकार ने 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को दोगुना कर किया गया, जिससे शहरों में काम करने वाले मजदूरों को काफी फायदा पहॅुचा पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि अब 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की संख्या बढ़ाई गई. यह फैसला बीतें दिनों औसत सिलेंडरों के आधार पर की गई है. पहले तय सीमा से अधिक सिलेंडर अब राज्यों को उपलब्ध कराए जाएंगे.

    पी.एन.जी. का आवेदन

    दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों के लिए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया है. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) के साथ रजिस्टर्ड कराना होगा. जहां पीएनजी कनेक्शन का विकल्प मौजूद है, उन्हें आवेदन करना होगा. और जहां फिलहाल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां उन्हें औपचारिक वचन देना होगा कि, कनेक्शन पहुंचते ही वो पीएनजी पर स्विच करेंगे. पीएनजी के तेज डिस्‍ट्रीब्‍यूशन के लिए इंद्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ साझेदारी की जाएगी.  यानी कमर्शियल सिलेंडरों के लिए अब दुकानदारों,होटलों,रेस्टोरेंटों या फिर इंडस्ट्रियल यूजर्स को पहले खुद को तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ रजिस्टर् करना होगा और पी.एन.जी. के लिए आवेदन करना होगा. बीते एक महीने में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी कर हो चुकी है. 1 अप्रैल को फिर से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ चुके है.

    आखिर पी.एन.जी. ही क्‍यो

    पीएनजी गैस फैक्‍ट्री से सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंच जाती है. साथ ही यह सबसे सुरक्षित और कम प्रदूषण वाला इन्‍धन है, वहीं एलपीजी विदेशों से लाने के बाद उसे रेल मार्ग, सड़क मार्ग या फिर पाइपलाइन से सिलेंडर बोटलिंग प्लांट तक पहुंचाना पड़ता है. फिर वहां से ट्रांसपोर्ट कर उसे देश के अलग-अलग शहरों के गैस एजेंसियों के पास भेजना पड़ता है. वहां से डिलीवरी एजेंट के द्वारा आपके घर तक पहुंचाती है इसके अलावा भी यह खरतनाक और हानिकारक प्रदूषण वाली गैस है। सरकार ने पाइपलाइन कनेक्शन के नियमों में अभी ढील दी है. पहले इसके लिए मल्टीपल अप्रूवल, फीस और चार्ज देना पड़ता था, कई बार एक्सेस ऑफ लैंड का डिनायल भी आ जाता था, लेकिन सरकार ने अभी ये सारी बाधाएं दूर कर दी है।

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    5 किलो सिलेन्‍डर बांटने का उद्देश्‍य

    सरकार ने कहा कि वह ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। भले ही पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ गई हों। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 5 Kg FTL सिलेंडर आस-पास के LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध ID प्ररूफ दिखाकर खरीदा जा सकता है, पते के सबूत की कोई ज़रूरत नहीं है जिससे प्रवासी मजदूरों और छात्र-छात्राओं के बीच खुशी का माहौल हो गया अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, खासकर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं हो सकते हैं। 23 मार्च से अब तक, लगभग 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, और एक ही दिन में 71,000 से ज़्यादा यूनिट बिक गईं है।

  • गैस सिलेन्‍डर की कमी : लंबी कतारों के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरा, केंद्र ने राज्यों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश

    गैस सिलेन्‍डर की कमी : लंबी कतारों के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरा, केंद्र ने राज्यों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस की आपूर्ति

    को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, इसी बीच कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष **अजय राय** ने कहा कि हाल ही में संत कबीर नगर के दौरे के दौरान उन्होंने लोगों की कठिनाइयों को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि कई लोग आधी रात से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही थी। उनके अनुसार घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गैस की कमी दिखाई दे रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह कोविड-19 महामारी के दौरान जनता को हालात के भरोसे छोड़ दिया गया था, उसी तरह आज गैस आपूर्ति के मामले में भी लोगों को खुद ही संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जब गैस आपूर्ति को लेकर तैयारी और नियंत्रण की जरूरत थी, तब सरकार पूरी तरह से निष्क्रिय रही। परिणामस्वरूप आज सप्लाई चेन की व्यवस्था चरमरा गई है और जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। एसी परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस ने राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में श्रावस्ती जिले में गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। एक वीडियो में एक महिला लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाती है, जिसने इस पूरे मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि ये तस्वीरें उस दावे पर सवाल खड़ा करती हैं जिसमें हर घर तक गैस पहुंचाने की बात कही जाती है। अजय राय ने कहा कि किसी महिला का लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाना यह दर्शाता है कि सरकार की वितरण व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों को बहाना बना रही है, जबकि असल में जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

    वहीं दिल्‍ली में-

    नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में गृह सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की नियमित निगरानी करें। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध बिक्री पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कुछ प्रतिबंध मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग जैसे होटल और रेस्टोरेंट पर लगाए गए हैं, जबकि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।

    केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर कड़ी निगरानी रखें। कई बार पुराने वीडियो या गलत जानकारी लोगों में घबराहट पैदा कर देती है, जिससे अनावश्यक खरीदारी और गैस की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसलिए अफवाहों को तुरंत रोकना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा राज्यों से कहा गया है कि वे एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाएं, वितरण व्यवस्था पर रोजाना रिपोर्ट तैयार करें और जरूरत पड़ने पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित करें ताकि लोगों की शिकायतों और समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।

    सरकार का कहना है कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अतिरिक्त स्रोतों से भी आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंच सके।