

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस की आपूर्ति
को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, इसी बीच कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष **अजय राय** ने कहा कि हाल ही में संत कबीर नगर के दौरे के दौरान उन्होंने लोगों की कठिनाइयों को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि कई लोग आधी रात से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही थी। उनके अनुसार घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गैस की कमी दिखाई दे रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह कोविड-19 महामारी के दौरान जनता को हालात के भरोसे छोड़ दिया गया था, उसी तरह आज गैस आपूर्ति के मामले में भी लोगों को खुद ही संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जब गैस आपूर्ति को लेकर तैयारी और नियंत्रण की जरूरत थी, तब सरकार पूरी तरह से निष्क्रिय रही। परिणामस्वरूप आज सप्लाई चेन की व्यवस्था चरमरा गई है और जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। एसी परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस ने राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में श्रावस्ती जिले में गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। एक वीडियो में एक महिला लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाती है, जिसने इस पूरे मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि ये तस्वीरें उस दावे पर सवाल खड़ा करती हैं जिसमें हर घर तक गैस पहुंचाने की बात कही जाती है। अजय राय ने कहा कि किसी महिला का लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाना यह दर्शाता है कि सरकार की वितरण व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों को बहाना बना रही है, जबकि असल में जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।
वहीं दिल्ली में-
नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में गृह सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की नियमित निगरानी करें। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध बिक्री पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कुछ प्रतिबंध मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग जैसे होटल और रेस्टोरेंट पर लगाए गए हैं, जबकि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।
केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर कड़ी निगरानी रखें। कई बार पुराने वीडियो या गलत जानकारी लोगों में घबराहट पैदा कर देती है, जिससे अनावश्यक खरीदारी और गैस की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसलिए अफवाहों को तुरंत रोकना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा राज्यों से कहा गया है कि वे एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाएं, वितरण व्यवस्था पर रोजाना रिपोर्ट तैयार करें और जरूरत पड़ने पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित करें ताकि लोगों की शिकायतों और समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।
सरकार का कहना है कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अतिरिक्त स्रोतों से भी आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंच सके।
