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  • Princess Cruises के जहाज पर नॉरोवायरस प्रकोप, 100+ बीमार

    Princess Cruises के जहाज पर नॉरोवायरस प्रकोप, 100+ बीमार

    Princess Cruises

    Princess Cruises के Caribbean Princess जहाज पर नॉरोवायरस फैलने से 100 से अधिक यात्री बीमार पड़े, CDC ने जांच शुरू की.

    Princess Cruises का प्रसिद्ध क्रूज शिप Caribbean Princess सोमवार सुबह फ्लोरिडा के Port Canaveral पहुंचा, जहां यात्रा के दौरान फैले Norovirus outbreak ने 100 से अधिक यात्रियों और क्रू सदस्यों को प्रभावित किया।

    अमेरिकी Centers for Disease Control and Prevention (CDC) के अनुसार, इस 11-दिवसीय यात्रा के दौरान कुल 102 यात्री और 13 क्रू सदस्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारी से संक्रमित पाए गए।

    Princess Cruises का प्रसिद्ध क्रूज शिप Caribbean Princess यात्रा के दौरान कैसे फैला नॉरोवायरस?
    Caribbean Princess ने 28 अप्रैल को Port Everglades, Fort Lauderdale से अपनी यात्रा शुरू की थी। यात्रा के दौरान कई यात्रियों में दस्त (diarrhea) और उल्टी (vomiting) जैसे लक्षण दिखाई दिए, जो नॉरोवायरस संक्रमण के प्रमुख संकेत हैं।

    CDC की रिपोर्ट के अनुसार:
    – कुल 3,116 यात्रियों में से 102 प्रभावित
    – 1,131 क्रू सदस्यों में से 13 संक्रमित
    – पहली बार प्रकोप की सूचना 7 मई को दी गई

    नोरोवायरस क्‍या है (What is Norovirus) ?

    नोरोवायरस एक आम और बेहद संक्रामक वायरस है। इसे पेट का फ्लू भी माना जा सकता है, इससे मितली, उलटी और दस्‍त आदि लक्षण, नोरोवायरस का फैलाव करीबी संपर्क, दुषित भोजन या पानी के संपर्क में आने से होता है इसे आमतौर पर गैस्ट्रोएंटेराइटिस कहते है।

    Caribbean Princess norovirus outbreak

    Princess Cruises और CDC ने क्या कदम उठाए?

    स्थिति को नियंत्रित करने के लिए Princess Cruises ने तुरंत कई सुरक्षा उपाय लागू किए:
    – बीमार यात्रियों और क्रू को अलग किया गया
    – जहाज पर सफाई और डिसइन्फेक्शन बढ़ाया गया
    – परीक्षण के लिए स्टूल सैंपल एकत्र किए गए
    – CDC के साथ मिलकर संक्रमण नियंत्रण प्रक्रिया अपनाई गई
    Port Canaveral पहुंचने के बाद CDC की टीम ने जहाज पर पर्यावरणीय जांच और अतिरिक्त स्वास्थ्य निरीक्षण भी किया।

    Nassau पोर्ट पर रोक

    स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बहामास के अधिकारियों ने जहाज को Nassau में रुकने की अनुमति नहीं दी। स्थानीय चुनावों और सामुदायिक सुरक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।
    Princess Cruises ने प्रभावित यात्रियों को:
    – ऑनबोर्ड क्रेडिट और Nassau shore excursions का पूर्ण रिफंड प्रदान करने की घोषणा की।

    Princess Cruises ने पुष्टि की कि अगली यात्रा से पहले जहाज की व्यापक सफाई और सैनिटाइजेशन किया जाएगा। Caribbean Princess फिलहाल अक्टूबर तक कैरेबियन और बहामास यात्राओं के लिए Port Canaveral से संचालन करेगा।

    Cruise Industry में बढ़ती स्वास्थ्य चुनौतियां
    CDC के अनुसार, 2026 में यह चौथा प्रमुख क्रूज आउटब्रेक है। इससे पहले: दो E. coli outbreaks, एक अन्य Princess Cruises norovirus मामला भी सामने आ चुके हैं।

    निष्कर्ष

    Caribbean Princess पर हुआ यह नॉरोवायरस प्रकोप क्रूज उद्योग में स्वास्थ्य सुरक्षा के महत्व को फिर से उजागर करता है। हालांकि Princess Cruises और CDC ने स्थिति को नियंत्रित करने में तेजी दिखाई, लेकिन यह घटना यात्रियों के लिए सतर्कता और स्वच्छता की आवश्यकता को दर्शाती है।

  • Thalapathy Vijay AS CM: तमिलनाडू में टीवीके पार्टी ने बना ली सरकार

    Thalapathy Vijay AS CM: तमिलनाडू में टीवीके पार्टी ने बना ली सरकार

    तमिलनाडू से खबर आ रही है कि मशहूर ऐक्‍टर थालापाति विजय मुख्‍यमंत्री पद की आज सुबह 10 बजे शपथ ले चुके है , ऐक्‍टर से नेता और अब तमिलनाडू के मुख्‍यमंत्री, राज्‍य के गवर्नर ने चेन्‍नई के नेहरू स्‍टेडियम मे दिलाई शपथ

    तमिलनाडू से खबर आ रही है कि मशहूर ऐक्‍टर थालापाति विजय मुख्‍यमंत्री पद की आज सुबह 10 बजे शपथ ले चुके है और उनके साथ टीवीके के नौ विधायकों ने भी मंत्रीपद की शपथ ली है शपथ समाहरोह में तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के स्टालिन को भी समारोह के लिए अमंत्रित किया गया था।

    विजय के शपथ ग्रहण समारोह सुबह 10 बजे चेन्‍नई के नेहरू स्‍टेडियम मे अयोजित किया गया, VCK और IUML के समर्थन के बाद टीवीके ने सरकार का गठन किया, विजय को गवर्नर ने शपथ के बाद दी बधाई, विजय के मुख्‍यमंत्री बनने पर उनके पिता और डायरेक्‍टर एसए चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा, ‘मैं खुश हूं. मैं बहुत खुश हूं. मैं जो कुछ भी कर रहा हूं, सिर्फ अपने बेटे के लिए कर रहा हॅू।

    विजय ने 9 मई को लोकभवन में तमिलनाडु के गवर्नर से मुलाकात की और उन्हें टीवीके के लीडर के तौर पर अपने चुनाव की जानकारी देते हुए एक लेटर दिया था. जिसके बाद तमिलनाडु के गवर्नर ने विजय को मुख्यमंत्री नियुक्त किया और उन्हें सरकार बनाने के लिए इनवाइट किया था. राज्यपाल ने विजय को 13 मई 2026 को या उससे पहले विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने के लिए कहा है।

  • श्रीराम का रौद्र रूप: क्‍या हमेशा नम्रता ही सही है?

    श्रीराम का रौद्र रूप: क्‍या हमेशा नम्रता ही सही है?

    रामचरितमानस में प्रभू श्रीराम जी का रौद्र रूप

    हम महानता का अर्थ सीधा साधा, दयालुता, विनम्रता, सौम्यता होना आदि समझते हैं। यह हमारी व्यितगत सोच हो सकती है, यह सोच आंशिक रूप से सही है, लेकिन पूूूरी नही है

    किन्तु साहस, दृढ़ता शौर्य आदि भी उतने ही महत्‍वपूर्ण गुण हैं. नम्रता और मृदुलता सभी जगह उपयोगी नहीं होती।

    जब कोई व्‍यक्ति अहंकार या भ्रांतिवश विनम्रता को हीनता समझने लगे, उसका अनैतिक लाभ उठाने का प्रयास करे तो मनुष्य को थोड़ा उग्र रूप धारण करना पड़ता है। व्यवहार में कड़ाई, दृढ़ता भी लानी पड़ती है।

    महानता का सही अर्थ

    धनुष यज्ञ प्रकरण में जब श्री परशुराम जी अचानक उत्‍तेजित होकर आते हैं, लक्ष्मण जी को यह उत्‍तेजना अनुचित लगती है।

    लक्ष्मण जी उन्हें रोकना चाहते हैं, वे डरा धमका कर लक्ष्मण जी को चुप कराना चाहते है, विवाद बढ़ने पर प्रभु श्री राम जी, नम्रता पूर्वक समझाने का प्रयास करते हैं, तो श्री परशुराम जी अपना रोष श्री राम जी पर उतारने लगते हैं।

    Ram lakshman aur Parshuram

    गुनहु लखन कर हम पर रोसू।
    कतहु सुधाईहु ते बड़ दोसू ।।

    श्री राम जी कहते है कि, दोष लक्ष्मण का है आप मुझे मेरी सहजता, सरलता पर क्रोध कर रहे हैं।

    शौर्य से भ्रम का निवारण

    श्री राम जी को शालीनतापूर्वक तेजस्वी ढंग से प्रतिवाद करना पड़ा। अपने शौर्य, साहस, दृढ़ता का परिचय देकर श्री परशुराम जी का भ्रम दूर किया। समाज में कुछ ऐसे तत्व भी होते हैं जो सौम्यता एवं सज्जनता की भाषा समझते ही नहीं हैं, ऐसे दुष्ट तत्वों को दण्ड देना हर समाज निष्ठ का कर्तव्य हो जाता है।

    समुद्र प्रसंग और श्री राम का रौद्र रूप

    उन्हें भाग्य भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। लंका विजय हेतु सेतु बंध से पूर्व उपाय खोजा गया, कि देव की इच्छा होगी तो समुद्र मार्ग अवश्य दे देगा, यह लक्ष्मण के अच्छा नहीं लगा, वह उत्तेजित होने लगे, उन्होंने उत्तेजित होकर कहा:

    कायर मन को एक अधारा ।
    देव देव आलसी पुकारा।।

    Shri Ram ji aur Samudra dev

    इस भाव से श्री राम जी असहमत थे, उन्होंने चाहा कि श्रेष्ठ कार्य के लिए समुद्र अवश्य सहायता करेगा, लेकिन यह हुआ. विनय ना मानत जलधि जड़, गये तीन दिन बीत।

    बोले राम सकोप तब, भय बिन होय ना प्रीत।।

    अब श्री राम जी उत्तेजित होकर बोले,

    लक्ष्मण बाम सरासर आनु।
    सोको बारिध विसिख समानू।।

    यहाँ पर जब विनय से कार्य सफल नहीं हुआ, तब प्रभु श्रीराम का अपना रौद्र रूप समुद्र को दिखाना पड़ा। श्री राम जी ने अनीति एवं अत्याचार को कभी सहन नहीं किया, पीड़ितों के प्रति उनकी करुणा उभरती है, तथा दुष्टों के प्रति रोष में बदल जाती है।

    निसिचर हीन करहुं महि, भुज उठाय प्रण कीन।
    सकल मुनिन के आश्रममन्हि, जाइ जाइ सुख दीन।।

    शिक्ति की पूजा आदि काल से होकर, वर्तमान में भी होती है एवं भविष्य में होगी, बलहीनों को कोई नहीं पूछता, बलवानों को ही विश्व पूजता है, यह कहावत चरितार्थ है, इसीलिए शिक्ति संचयन में मनुष्य की भूमिका अति महत्वपूर्ण है।

    सत्य, मानवता एवं त्याग के प्रति मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम जी को कोटि कोटि प्रणाम।

  • LPG महंगा हुआ तो ये करें: 5 किलो सिलेंडर बना सबसे बड़ा रास्‍ता समाधान, 5 किलो सिलेंडर बना सस्‍ता विकल्‍प, मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत।

    LPG महंगा हुआ तो ये करें: 5 किलो सिलेंडर बना सबसे बड़ा रास्‍ता समाधान, 5 किलो सिलेंडर बना सस्‍ता विकल्‍प, मजदूरों और छात्रों को बड़ी राहत।

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    LPG नियमों में परिवर्तन के कारण :-

    पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण LPG की होती किल्‍लतों देखते हुए सरकार ने सिलेंडर की रिफिलिंग और बुकिंग के नियम बदले गए और रसोई गैस, कमर्शियल सिलेंडर के दामो की वृद्धि की गई. LPG किल्लत के बीच दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है. सरकार का कहना था कि कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी तभी मिलेगी, जब पाइप्‍ड नैचुरल गैस (PNG) के लिए अप्लाई कर लेगें।

    इसी बीच सरकार ने बीते शनिवार को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर को लेकर नई नीति की है। सरकार ने कहा है कि 5 किलो LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटरों के पास पहले से उपलब्ध हैं और इन्हें पते के सबूत की जरूरत के बिना, बस एक वैध ID दिखाकर खरीदा जा सकता है,

    जिसके बाद अब सरकार ने 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को दोगुना कर किया गया, जिससे शहरों में काम करने वाले मजदूरों को काफी फायदा पहॅुचा पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि अब 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की संख्या बढ़ाई गई. यह फैसला बीतें दिनों औसत सिलेंडरों के आधार पर की गई है. पहले तय सीमा से अधिक सिलेंडर अब राज्यों को उपलब्ध कराए जाएंगे.

    पी.एन.जी. का आवेदन

    दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों के लिए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया है. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) के साथ रजिस्टर्ड कराना होगा. जहां पीएनजी कनेक्शन का विकल्प मौजूद है, उन्हें आवेदन करना होगा. और जहां फिलहाल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां उन्हें औपचारिक वचन देना होगा कि, कनेक्शन पहुंचते ही वो पीएनजी पर स्विच करेंगे. पीएनजी के तेज डिस्‍ट्रीब्‍यूशन के लिए इंद्रप्रस्‍थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ साझेदारी की जाएगी.  यानी कमर्शियल सिलेंडरों के लिए अब दुकानदारों,होटलों,रेस्टोरेंटों या फिर इंडस्ट्रियल यूजर्स को पहले खुद को तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ रजिस्टर् करना होगा और पी.एन.जी. के लिए आवेदन करना होगा. बीते एक महीने में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी कर हो चुकी है. 1 अप्रैल को फिर से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ चुके है.

    आखिर पी.एन.जी. ही क्‍यो

    पीएनजी गैस फैक्‍ट्री से सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंच जाती है. साथ ही यह सबसे सुरक्षित और कम प्रदूषण वाला इन्‍धन है, वहीं एलपीजी विदेशों से लाने के बाद उसे रेल मार्ग, सड़क मार्ग या फिर पाइपलाइन से सिलेंडर बोटलिंग प्लांट तक पहुंचाना पड़ता है. फिर वहां से ट्रांसपोर्ट कर उसे देश के अलग-अलग शहरों के गैस एजेंसियों के पास भेजना पड़ता है. वहां से डिलीवरी एजेंट के द्वारा आपके घर तक पहुंचाती है इसके अलावा भी यह खरतनाक और हानिकारक प्रदूषण वाली गैस है। सरकार ने पाइपलाइन कनेक्शन के नियमों में अभी ढील दी है. पहले इसके लिए मल्टीपल अप्रूवल, फीस और चार्ज देना पड़ता था, कई बार एक्सेस ऑफ लैंड का डिनायल भी आ जाता था, लेकिन सरकार ने अभी ये सारी बाधाएं दूर कर दी है।

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    5 किलो सिलेन्‍डर बांटने का उद्देश्‍य

    सरकार ने कहा कि वह ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। भले ही पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ गई हों। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 5 Kg FTL सिलेंडर आस-पास के LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध ID प्ररूफ दिखाकर खरीदा जा सकता है, पते के सबूत की कोई ज़रूरत नहीं है जिससे प्रवासी मजदूरों और छात्र-छात्राओं के बीच खुशी का माहौल हो गया अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, खासकर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं हो सकते हैं। 23 मार्च से अब तक, लगभग 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, और एक ही दिन में 71,000 से ज़्यादा यूनिट बिक गईं है।

  • गैस सिलेन्‍डर की कमी : लंबी कतारों के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरा, केंद्र ने राज्यों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश

    गैस सिलेन्‍डर की कमी : लंबी कतारों के बीच कांग्रेस ने सरकार को घेरा, केंद्र ने राज्यों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दिए निर्देश

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में एलपीजी गैस की आपूर्ति

    को लेकर लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ती दिखाई दे रही हैं। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें लगने के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, इसी बीच कांग्रेस के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष **अजय राय** ने कहा कि हाल ही में संत कबीर नगर के दौरे के दौरान उन्होंने लोगों की कठिनाइयों को करीब से देखा। उन्होंने बताया कि कई लोग आधी रात से ही गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े थे, लेकिन इसके बावजूद उन्हें गैस नहीं मिल पा रही थी। उनके अनुसार घरेलू और व्यावसायिक दोनों तरह की गैस की कमी दिखाई दे रही है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    अजय राय ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस तरह कोविड-19 महामारी के दौरान जनता को हालात के भरोसे छोड़ दिया गया था, उसी तरह आज गैस आपूर्ति के मामले में भी लोगों को खुद ही संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि जब गैस आपूर्ति को लेकर तैयारी और नियंत्रण की जरूरत थी, तब सरकार पूरी तरह से निष्क्रिय रही। परिणामस्वरूप आज सप्लाई चेन की व्यवस्था चरमरा गई है और जनता को इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है। एसी परिस्थितियों को लेकर कांग्रेस ने राज्य की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला है।

    सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में श्रावस्ती जिले में गैस एजेंसी के बाहर लगी लंबी कतारें दिखाई दे रही हैं। एक वीडियो में एक महिला लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाती है, जिसने इस पूरे मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। लोगों का कहना है कि ये तस्वीरें उस दावे पर सवाल खड़ा करती हैं जिसमें हर घर तक गैस पहुंचाने की बात कही जाती है। अजय राय ने कहा कि किसी महिला का लाइन में खड़े-खड़े बेहोश हो जाना यह दर्शाता है कि सरकार की वितरण व्यवस्था पूरी तरह से विफल हो चुकी है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अपनी कमियों को छिपाने के लिए अंतरराष्ट्रीय संकट और युद्ध जैसी परिस्थितियों को बहाना बना रही है, जबकि असल में जनता को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है।

    वहीं दिल्‍ली में-

    नई दिल्ली में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में गृह सचिव ने राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति की नियमित निगरानी करें। साथ ही किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अवैध बिक्री पर तुरंत कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है। अधिकारियों के अनुसार घरेलू गैस की आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए कुछ प्रतिबंध मुख्य रूप से व्यावसायिक उपयोग जैसे होटल और रेस्टोरेंट पर लगाए गए हैं, जबकि अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को इन प्रतिबंधों से बाहर रखा गया है।

    केंद्र सरकार ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों और भ्रामक खबरों पर कड़ी निगरानी रखें। कई बार पुराने वीडियो या गलत जानकारी लोगों में घबराहट पैदा कर देती है, जिससे अनावश्यक खरीदारी और गैस की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसलिए अफवाहों को तुरंत रोकना और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना भी जरूरी बताया गया है। इसके अलावा राज्यों से कहा गया है कि वे एलपीजी सप्लाई चेन की सुरक्षा बढ़ाएं, वितरण व्यवस्था पर रोजाना रिपोर्ट तैयार करें और जरूरत पड़ने पर नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित करें ताकि लोगों की शिकायतों और समस्याओं का तुरंत समाधान किया जा सके।

    सरकार का कहना है कि देश में घरेलू गैस की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अतिरिक्त स्रोतों से भी आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर जमा करने से बचें, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति सुचारु रूप से पहुंच सके।