
LPG नियमों में परिवर्तन के कारण :-
पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण LPG की होती किल्लतों देखते हुए सरकार ने सिलेंडर की रिफिलिंग और बुकिंग के नियम बदले गए और रसोई गैस, कमर्शियल सिलेंडर के दामो की वृद्धि की गई. LPG किल्लत के बीच दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों से जुड़े नियमों में बदलाव कर दिया है. सरकार का कहना था कि कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी तभी मिलेगी, जब पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) के लिए अप्लाई कर लेगें।
इसी बीच सरकार ने बीते शनिवार को 5 किलो एलपीजी सिलेंडर को लेकर नई नीति की है। सरकार ने कहा है कि 5 किलो LPG सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटरों के पास पहले से उपलब्ध हैं और इन्हें पते के सबूत की जरूरत के बिना, बस एक वैध ID दिखाकर खरीदा जा सकता है,
जिसके बाद अब सरकार ने 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता को दोगुना कर किया गया, जिससे शहरों में काम करने वाले मजदूरों को काफी फायदा पहॅुचा पेट्रोलियम मंत्रालय ने 6 अप्रैल को जारी आदेश में कहा कि अब 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर की संख्या बढ़ाई गई. यह फैसला बीतें दिनों औसत सिलेंडरों के आधार पर की गई है. पहले तय सीमा से अधिक सिलेंडर अब राज्यों को उपलब्ध कराए जाएंगे.
पी.एन.जी. का आवेदन
दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडरों के लिए पीएनजी कनेक्शन के लिए आवेदन करना अनिवार्य कर दिया है. कमर्शियल और इंडस्ट्रियल यूजर्स को ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) के साथ रजिस्टर्ड कराना होगा. जहां पीएनजी कनेक्शन का विकल्प मौजूद है, उन्हें आवेदन करना होगा. और जहां फिलहाल पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां उन्हें औपचारिक वचन देना होगा कि, कनेक्शन पहुंचते ही वो पीएनजी पर स्विच करेंगे. पीएनजी के तेज डिस्ट्रीब्यूशन के लिए इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) के साथ साझेदारी की जाएगी. यानी कमर्शियल सिलेंडरों के लिए अब दुकानदारों,होटलों,रेस्टोरेंटों या फिर इंडस्ट्रियल यूजर्स को पहले खुद को तेल मार्केटिंग कंपनियों के साथ रजिस्टर् करना होगा और पी.एन.जी. के लिए आवेदन करना होगा. बीते एक महीने में कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में तीसरी बार बढ़ोतरी कर हो चुकी है. 1 अप्रैल को फिर से 19 किलो वाले सिलेंडर के दाम बढ़ चुके है.
आखिर पी.एन.जी. ही क्यो
पीएनजी गैस फैक्ट्री से सीधे पाइपलाइन के जरिए घरों तक पहुंच जाती है. साथ ही यह सबसे सुरक्षित और कम प्रदूषण वाला इन्धन है, वहीं एलपीजी विदेशों से लाने के बाद उसे रेल मार्ग, सड़क मार्ग या फिर पाइपलाइन से सिलेंडर बोटलिंग प्लांट तक पहुंचाना पड़ता है. फिर वहां से ट्रांसपोर्ट कर उसे देश के अलग-अलग शहरों के गैस एजेंसियों के पास भेजना पड़ता है. वहां से डिलीवरी एजेंट के द्वारा आपके घर तक पहुंचाती है इसके अलावा भी यह खरतनाक और हानिकारक प्रदूषण वाली गैस है। सरकार ने पाइपलाइन कनेक्शन के नियमों में अभी ढील दी है. पहले इसके लिए मल्टीपल अप्रूवल, फीस और चार्ज देना पड़ता था, कई बार एक्सेस ऑफ लैंड का डिनायल भी आ जाता था, लेकिन सरकार ने अभी ये सारी बाधाएं दूर कर दी है।

5 किलो सिलेन्डर बांटने का उद्देश्य
सरकार ने कहा कि वह ईंधन और ऊर्जा की सप्लाई की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कदम उठा रही है। भले ही पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा प्रवाह को लेकर चिंताएं बढ़ गई हों। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 5 Kg FTL सिलेंडर आस-पास के LPG डिस्ट्रीब्यूटरों के पास उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध ID प्ररूफ दिखाकर खरीदा जा सकता है, पते के सबूत की कोई ज़रूरत नहीं है जिससे प्रवासी मजदूरों और छात्र-छात्राओं के बीच खुशी का माहौल हो गया अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का मकसद खाना पकाने के ईंधन तक पहुंच को बेहतर बनाना है, खासकर प्रवासी मजदूरों और उन लोगों के लिए जिनके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं हो सकते हैं। 23 मार्च से अब तक, लगभग 5.7 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं, और एक ही दिन में 71,000 से ज़्यादा यूनिट बिक गईं है।
